गोपेश मोहन जैसवाल

जन्म – दो दिसम्बर सन् उन्नीससौ पचास (02-12-1950)

शिक्षा – एम. ए.( मध्य कालीन एवम् आधुनिक भारतीय इतिहास विभाग, लखनऊ विश्व विद्यालय में सर्वोच्च स्थान ), पी.एचडी।

पेशा – मुदर्रिसी. पहले पांच साल लखनऊ विश्व विद्यालय में, पर वहां देशभक्तों की कृपा दृष्टि पड़ने के तथा सड़क पर आने के बाद लगभग इकत्तीस साल कुमाऊं विश्व विद्यालय के अल्मोड़ा परिसर में, इतिहास विभाग में अध्यापन।
प्रोफ़ेसर के पद पर अवकाश प्राप्ति के बाद पिछले 5 वर्षों से ग्रेटर नॉएडा में स्थायी निवास।

प्रेम प्रसंग – पहला प्यार, साहित्य चर्चा दूसरा प्यार, फिल्में तीसरा प्यार टीवी पर क्रिकेट मैच देखना चौथा और स्थायी प्यार परिवार।
पांचवां प्यार, छींटाकशी। और किसी प्यार की कभी हिम्मत ही नहीं हुई।

रचनाएं – ‘कलियों की मुस्कान’ ( बाल कथा संग्रह ) अप्रकाशित. ‘तिरछी नज़र’ (कहानी संग्रह) अप्रकाशित, ‘बावन पत्ते’ (काव्य संग्रह) अप्रकाशित। ‘स्वतंत्र भारत’, ‘जनसत्ता’, ‘ पींग’, ‘साप्ताहिक हिन्दुस्तान’ तथा ‘भाषा’ में कविताएं, कहानियां तथा लेख प्रकाशित. रचना सागर पब्लिकेशन्स, नई दिल्ली की कक्षा 7 तथा 8 की कक्षाओं हेतु हिंदी की सहायक पुस्तिका ‘महक’ में बाल-कथाओं का प्रकाशन। आकाशवाणी अल्मोड़ा से कहानियां, कविताएं, नाटक, प्रहसन, रूपक तथा वार्ताएं प्रसारित।