ध्रुव सिंह ‘एकलव्य’

शिक्षा : विज्ञान परास्नातक,अणु एवं कोशिका आनुवंशिकी विज्ञान में विशेष दक्षता।

साहित्यिक जीवन : काशीहिंदू विश्वविद्यालय में छात्र जीवन के दौरान प्रथम रचना ‘बेपरवाह क़ब्रें’ से साहित्यिक यात्रा का आरम्भ। अबतक कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में रचनायें प्रकाशित।

प्रकाशित काव्य-संग्रह : 2018 में मेरी प्रथम पुस्तक ”चीख़ती आवाज़ें” ( काव्य-संग्रह ) का प्रकाशन।

साहित्यिक गतिविधियाँ : दैनिक जागरण ‘वीथिका’ से प्रकाशन की शुरुआत।

दैनिक जागरण ‘वीथिका’ : एक बूँद हूँ मैं,बस अपनी क़िस्मत समझकर ,तारे जमीं पर लाऊँगी।

एस जी पी जी आई न्यूज़ लेटर लख़नऊ में प्रकाशित रचनायें : ‘जीवन भर बस यूँ ललचाये’,’बंजारों सा’।

अक्षय गौरव पत्रिका में प्रकाशित रचनायें : ‘विचलित सा तूँ मन है कैसा’, उड़ जा रे मन दूर कहीं’, ’जयकार नहीं करता’, उत्तम चरित्र, ’ज़िन्दगी फ़िरकी’, ‘सूर्यास्त की कामना’।

साहित्य कुँज : ‘जूतियाँ’, ‘विजय पताका’, ‘मुर्दे’, वे आ रहें हैं।

अनहद कृति : ‘अंतिम गंतव्य बाक़ी’।

अनुभव पत्रिका : अगस्त 2017 अनुभव – अंक 11 में प्रकाशित : “वही पेड़ बिना पत्तों के” साहित्य सुधा, लेखनी नेट, हिंदी कुञ्ज, रचनाकार, साहित्यमंजरी, साहित्य शिल्पी एवं जख़ीरा डॉट कॉम में अन्य रचनायें प्रकाशित।

नज़रिया नॉव में मेरी प्रथम कहानी का प्रकाशन : ”मौन विलाप” (2018) पुरस्कृत कहानी।

अन्य गतिविधियाँ : राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित विशेष कार्यशाला में रंगशाला का अनुभव एवं एक रंगकर्मी के रूप में निरन्तर अभिनय और नाट्य मंचन।

ईमेल – dhruvsinghvns@gmail.com